शुक्रवार, 10 जून 2016

गरुड़ पुराण और तिबतेन बुक ऑफ़ डेड

तिब्बत संसार का एक मात्र देश है जहां व्यक्ति की मृत्यु निकट जान उसे परलोक के लिये प्रशिक्षित किया जाता है. 
मरणासन्न व्यक्ति को क्रमवार वो स्थितियां बताई जाती हैं जिनका सामना वो मरने के बाद करेगा. 

'तिब्तेन बुक ऑफ़ डेड' में जीव की मृत्योपरांत परलोक यात्रा और स्थितियों का रोमांचकारी विवरण है. 

ऐसी ही एक किताब भारत में भी है जिसे 'गरुड़ पुराण' कहते हैं. इसमें भी जीव की मृत्योपरांत परलोक यात्रा का विवरण है.
'गरुड़ पुराण' को हिन्दू किसी संबंधी के देहांत के बाद मृतात्मा की शांति के लिए सुनते हैं. जबकि इसके पाठ का उद्देश्य जीवितों को सन्मार्ग पर चलाना है.

मृत्यु बाद जीव की परलोक संबंधी यात्रा और अनुभवों पर गहन शोध करने वाले पाश्चात्य विद्वान् रेमंड मूडी की 'जीवन के बाद जीवन' भी एक बहुत ही दिलचस्प पुस्तक है. इसमें उन सैंकड़ों लोगों के अनुभव संकलित हैं जो मरने के कुछ समय बाद पुन: जीवित हो गये थे.

परमहंस योगानंद जी की आत्मकथा 'योगी कथामृत' भी पारलौकिक जीवन और रहस्यों को आश्चर्यजनक ढ़ंग से उद्घाटित करती है...



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