शुक्रवार, 10 जून 2016

दिल्ली का मलाई मंदिर


नई दिल्ली के आरके पुरम इलाके में एक दक्षिण भारतीय शैली का बहुत सुंदर मंदिर है. इस मंदिर का नाम है मलाई मंदिर. यह विशेष रूप से भगवान् स्वामीनाथा (कार्तिकेय) का मंदिर है लेकिन इसके परिसर में श्री गणेश, भगवान् शम्भुनाथ, नवग्रह, देवगुरु बृहस्पति और उत्तरमुखी दुर्गा माता के भी मंदिर हैं. इस मंदिर में भगवान् स्वामीनाथा एक ऊंची पहाड़ी पर विराजमान हैं.

यह मंदिर अपनी स्थापत्य कला, परिवेश, पूजापाठ पद्धति और पुजारियों के निष्कपट व्यवहार से सहज ही मन मोह लेता है. हिंदुत्व पूजा पद्धति का आदि रूप यहां स्पष्टता से दृष्टि गोचर होता है. यहां सभी प्रकार के दोष निवारण हेतु शास्त्रोक्त विधि से पूजा, यज्ञ और अभिषेक की सुविधा मौजूद है. वो भी अत्यधिक न्यून व्यय पर. फुरसत के क्षणों में इस मंदिर में आना एक सुखद एहसास है.

मैं इस मंदिर के संपर्क में कुछ वर्ष पूर्व अचानक ही आया. अगस्त्य महर्षि द्वारा रचित ताड़पत्र फलादेश के अनुसार मैं जब अपने ताड़पत्र का भविष्य फलादेश सुन रहा था तो अगस्त्य महर्षि ने मुझे पूर्वजन्म के कर्म दोष निवारण के लिए मलाई मंदिर जाने का निर्देश दिया. इस निर्देशानुसार वहां मुझे सर्वप्रथम श्री गणेश का अभिषेक उसके बाद भगवान् स्वामीनाथा का महाभिषेक करना था. तदुपरांत देवगुरु बृहस्पति की एक विशेष आराधना करनी थी. यह सब करने के बाद मुझे नासिक स्थित ज्योतिर्लिंग भगवान् श्री त्रयंबकेश्वर के दर्शन करने का निर्देश था. मेरे ऐसा करने के उपरान्त अगस्त्य महर्षि का कहना था की मुझे अपने वास्तविक ईष्ट और गुरुजी की प्राप्ति हो जानी थी.

मेरे द्वारा किया गया परिहार अत्यंत संतुष्टिदायक रहा और महर्षि का कथन आश्चर्यजनक रूप से सत्य सिद्ध हुआ.

मंगलजनित कष्ट और दोष भगवान् स्वामीनाथा की पूजा और अभिषेक से निश्चित तौर पर कट जाते हैं ऐसा मेरा अनुभव रहा है.

इस मंदिर में उत्तरमुखी दुर्गा माता की उपासना राहु जनित कष्ट के लिए अमोघ है. मंगलवार और शुक्रवार को राहु काल में भक्त पीले नींबू के छिलके का कटोरीनुमा दीया बनाकर उसमे तिल के तेल से रूई की बाती जलाते हैं और दुर्गामाता को यह दीप अर्पित करते हैं. इससे राहु जनित दोष सदा के लिए शांत हो जाते हैं.

साथ ही ध्यान रखें की मंदिर के मुख्यद्वार पर एक दक्षिण भारतीय सज्जन इडली, वडा और मसाला वडा सांबर के साथ बेचते हैं. वो भी ना खाना भूलें. उसके स्वाद का भी अलग ही मजा है.
नमः शिवाय...


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