पीपल का अत्यधिक सम्मान हैं.
क्योंकि पीपल जीव की सांसारिक यात्रा जो की एक इंद्रिय जीव अमीबा से पंचेन्द्रिय जीव मनुष्य तक की यात्रा में बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु है.
पीपल वृक्ष योनि से जीव के छुटकारे का प्रतीक है.
पीपल वृक्ष योनि का अंतिम पड़ाव है. अब दोबारा वृक्ष होना संभव नहीं. चेतना आगे बढ़ जायेगी.
ऐसे ही गाय पूजनीय है. आज जो गाय है वो कल मनुष्य हो जायेगी. पीपल और गाय बड़े महत्वपूर्ण संधिस्थल हैं.
ये इतने क्रांतिकारी संधिस्थल है की प्राचीन मनीषियों ने इन्हें अत्यधिक सम्मान दिया है...
क्योंकि पीपल जीव की सांसारिक यात्रा जो की एक इंद्रिय जीव अमीबा से पंचेन्द्रिय जीव मनुष्य तक की यात्रा में बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु है.
पीपल वृक्ष योनि से जीव के छुटकारे का प्रतीक है.
पीपल वृक्ष योनि का अंतिम पड़ाव है. अब दोबारा वृक्ष होना संभव नहीं. चेतना आगे बढ़ जायेगी.
ऐसे ही गाय पूजनीय है. आज जो गाय है वो कल मनुष्य हो जायेगी. पीपल और गाय बड़े महत्वपूर्ण संधिस्थल हैं.
ये इतने क्रांतिकारी संधिस्थल है की प्राचीन मनीषियों ने इन्हें अत्यधिक सम्मान दिया है...

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