'बहुत दिन बाद मिले'
...."हां"....
'और सुना क्या चल रहा है'
"कुछ ख़ास नहीं यार ऐज़ यूजुअल"
...."हां"....
'और सुना क्या चल रहा है'
"कुछ ख़ास नहीं यार ऐज़ यूजुअल"
'मियां जी कैसे हैं'
"इनकी मत पूछ बुरा हाल है. जब से चौथी ढैय्या लगी है बहुत परेशान हैं. नया बॉस आया है उससे बिलकुल नहीं बन रही. जॉब जा सकती है. गुरु भी गड़बड़ चल रहा है इनका "
'ओह्ह'
"इनकी मत पूछ बुरा हाल है. जब से चौथी ढैय्या लगी है बहुत परेशान हैं. नया बॉस आया है उससे बिलकुल नहीं बन रही. जॉब जा सकती है. गुरु भी गड़बड़ चल रहा है इनका "
'ओह्ह'
"तू सुना. कल क्या हो गया था फेसबुक पर बहुत उखड़ी हुई थी"
'अरे था एक कमीना. अच्छी बोलचाल थी पर कल मैंने ब्लॉक कर दिया. साला घमंडी. मेष का सूर्य और वक्री लग्नेश. करेला और नीम चढ़ा'
'अरे था एक कमीना. अच्छी बोलचाल थी पर कल मैंने ब्लॉक कर दिया. साला घमंडी. मेष का सूर्य और वक्री लग्नेश. करेला और नीम चढ़ा'
"भाड़ में जाने दे. तेरी सास कैसी है अब. कब हो रही है चल चल"
'अरे कैसी चल चल मरते मरते जी जाती है बुढ़िया. अष्टमेश अपने से अष्टम बैठा है. वो ना मरने की मैं भले ही मर जाऊं'
'अरे कैसी चल चल मरते मरते जी जाती है बुढ़िया. अष्टमेश अपने से अष्टम बैठा है. वो ना मरने की मैं भले ही मर जाऊं'
"तू बता रही थी तेरी मामी गुजर गई. क्या हुआ था"
'कुछ नहीं ठीक ठाक थी अचानक हार्ट फेल हो गया. सब बहाना हैं यार तीसरी साढ़ेसाती चल रही थी. मरना ही था'
"हां तीसरी साढ़ेसाती में तो विरला ही बचता है. अच्छा तेरे देवर की कोई बात बनी"
'कुछ नहीं ठीक ठाक थी अचानक हार्ट फेल हो गया. सब बहाना हैं यार तीसरी साढ़ेसाती चल रही थी. मरना ही था'
"हां तीसरी साढ़ेसाती में तो विरला ही बचता है. अच्छा तेरे देवर की कोई बात बनी"
'अजी बन ली उसकी बात. डबल मंगली ऊपर से सप्तम अष्टम दोनों बिगड़े हुए. पता नहीं और कितने दिन खून पीयेगा'
………चलते चलते………
'सुन एक बर्थ डिटेल व्हाट्स एप करूंगी. क्लाइंट है. तेरा ओपिनियन चाहिये. बताना इसे क्या काम सूट करेगा'
.... ओके…. बाय बाय.…सी यू....
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