यक्ष भारतीय मिथकीय योनियों जैसे की देव, नाग, किन्नर, प्रेत, गंधर्व, राक्षस आदि में से एक हैं.
पौराणिक साहित्य में इन्हें अर्ध देवयोनि कहा गया है. देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर इनके राजा हैं.
यक्ष एक क्रूर और ह्रदयहीन योनि मानी जाती है.
मनुष्यों द्वारा इनका उपयोग अपने धन की रक्षा के लिए किया गया है.
प्राचीन समय में राजा महाराजा अपने खजाने की रक्षा के लिए यक्ष विशेष को पूजा द्वारा आमंत्रित कर खजाने की रक्षा का भार सौंप देते थे.
इस प्रकार कीलित हुआ खजाना सदा सुरक्षित रहता था ऐसी मान्यता थी.
इसी विश्वास के चलते दिल्ली स्थित भारतीय रिजर्व बैंक के द्वार पर कंक नामक यक्ष और सहधर्मिणी यक्षिणी की प्रतिमा को स्थापित किया गया है...
पौराणिक साहित्य में इन्हें अर्ध देवयोनि कहा गया है. देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर इनके राजा हैं.
यक्ष एक क्रूर और ह्रदयहीन योनि मानी जाती है.
मनुष्यों द्वारा इनका उपयोग अपने धन की रक्षा के लिए किया गया है.
प्राचीन समय में राजा महाराजा अपने खजाने की रक्षा के लिए यक्ष विशेष को पूजा द्वारा आमंत्रित कर खजाने की रक्षा का भार सौंप देते थे.
इस प्रकार कीलित हुआ खजाना सदा सुरक्षित रहता था ऐसी मान्यता थी.
इसी विश्वास के चलते दिल्ली स्थित भारतीय रिजर्व बैंक के द्वार पर कंक नामक यक्ष और सहधर्मिणी यक्षिणी की प्रतिमा को स्थापित किया गया है...

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